सेवा की कहानी,सोलर पंप से मिली सिंचाई सुविधा, रबी और दलहन फसलों की ओर बढ़े कमल प्रसाद…..

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कोरबा,पर्याप्त सिंचाई सुविधा के अभाव में जब खेती मुख्य रूप से बारिश के भरोसे रहती है, तब किसान के लिए एक फसल के बाद खेत को खाली छोड़ना मजबूरी बन जाता है। लेकिन सिंचाई का साधन उपलब्ध होने से यही खेत वर्ष के अलग-अलग मौसम में उत्पादन का माध्यम बन सकता है। कोरबा विकासखंड के ग्राम केराकछार निवासी कृषक कमल प्रसाद के खेतों में सौर सिंचाई पंप की सुविधा मिलने के बाद खेती की तस्वीर में ऐसा ही बदलाव आया है।कमल प्रसाद ने क्रेडा विभाग की सौर सुजला योजना के अंतर्गत अपने खेत में 3 एचपी का सोलर पंप स्थापित कराया है। योजना से पहले उनकी खेती सिंचाई के सीमित साधनों और वर्षा की उपलब्धता पर अधिक निर्भर थी। बारिश के समय धान की खेती तो हो जाती थी, लेकिन इसके बाद खेतों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं होने से रबी मौसम की खेती तथा अन्य फसलों का दायरा सीमित रहता था। विशेष रूप से टिकरा भूमि का कृषि उपयोग भी अपेक्षाकृत कम हो पाता था।
सोलर पंप स्थापित होने के बाद खेत में सिंचाई के लिए एक अतिरिक्त और सुविधाजनक साधन उपलब्ध हुआ है। अब कमल प्रसाद धान की खेती के साथ रबी मौसम में भी फसल लेने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। टिकरा जमीन में वे उड़द और मूंग जैसी फसलों की खेती भी कर रहे हैं। इससे एक ही कृषि भूमि को अलग-अलग मौसम में उपयोग करने की संभावना बनी है और खेती में फसल विविधता को भी बढ़ावा मिला है।
सिंचाई सुविधा बढ़ने का सीधा असर उनकी खेती की योजना पर पड़ा है। पहले जहां बारिश के बाद खेतों में अगली फसल लेना परिस्थितियों पर निर्भर रहता था, वहीं अब उपलब्ध सिंचाई साधन के कारण मौसम के अनुरूप फसल का चयन करना आसान हुआ है। इससे दोहरी फसल लेने, रबी क्षेत्र बढ़ाने और टिकरा भूमि को खेती के उपयोग में लाने के अवसर मजबूत हुए हैं। खेती में वर्षा पर निर्भरता कम होने से कृषि कार्यों को अधिक व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने में भी सुविधा मिल रही है।
कमल प्रसाद को योजना के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राही के रूप में 10 हजार रुपये का कृषक अंशदान देना पड़ा, जबकि शेष राशि शासकीय अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई गई। कम अंशदान में सोलर सिंचाई पंप की सुविधा मिलने से उनके लिए खेत में सिंचाई का साधन स्थापित करना संभव हुआ।
कमल प्रसाद ने सौर सुजला योजना का लाभ दिलाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री, माननीय मुख्यमंत्री तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सोलर पंप मिलने से खेतों में पानी की सुविधा बढ़ी है और धान के बाद दूसरी फसल लेने का अवसर मिला है। उड़द और मूंग जैसी फसलों को शामिल करने से खेती के स्वरूप में भी बदलाव आया है।
सौर सुजला योजना के माध्यम से उपलब्ध कराई गई सिंचाई सुविधा कमल प्रसाद जैसे किसानों के लिए केवल खेत तक पानी पहुंचाने का साधन नहीं, बल्कि वर्षा आधारित खेती से आगे बढ़कर बहुफसली कृषि की संभावनाओं को मजबूत करने का माध्यम बन रही है। सिंचाई सुविधा के विस्तार से कृषि भूमि का बेहतर उपयोग, रबी फसल का विस्तार और फसल विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक अवसर तैयार हो रहे हैं।


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