कोरबा, शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज़ के विश्व सद्भावना भवन, टी.पी. नगर, कोरबा में शिक्षक सम्मान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले शिक्षकों के साथ-साथ आध्यात्मिक शिक्षा एवं जीवन मूल्यों की शिक्षा देने वाले शिक्षकों का भी सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में अतिथि के रूप में योगाचार्य एवं सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल के मैनेजर डॉ. डी. के. आनंद , शासकीय स्कूल रजगामार के प्राचार्य जितेंद्र साहू, ज्ञान दीप विद्या मंदिर की प्राचार्या अभिलाषा वर्मा तथा बाल विहार के प्राचार्य विनील उपस्थित रहे। साथ ही बी. के. रुक्मिणी दीदी एवं बी. के. बिंदु दीदी की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत से हुआ। अतिथियों का तिलक, पुष्पगुच्छ, श्रीफल एवं पट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। वहीं उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षकों का भी तिलक, पुष्पगुच्छ, पट्टा एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में बी. के. बिंदु दीदी ने अपने उद्बोधन में शिक्षक सम्मान दिवस के लक्ष्य एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल विषय का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार एवं जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा मनुष्य को आंतरिक रूप से सशक्त बनाकर जीवन में शांति, सकारात्मकता एवं श्रेष्ठ संस्कार विकसित करने में सहायक होती है।

बी. के. रुक्मिणी दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक स्वयं के जीवन से विद्यार्थियों को प्रेरणा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक ज्ञान के साथ-साथ अपने जीवन में शांति, प्रेम, सद्भावना एवं श्रेष्ठ संस्कारों को धारण करें, तो उसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों के जीवन पर भी पड़ता है। उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने जीवन में आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग को अपनाने का संदेश दिया।डॉ. डी. के. आनंद ने अपने उदार में कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन के मार्गदर्शक होते हैं। शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार एवं सकारात्मक सोच देना भी शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हैजितेंद्र साहू, प्राचार्य शासकीय स्कूल रजगामार, ने कहा कि शिक्षक का कार्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा देना भी है। उन्होंने शिक्षकों के सम्मान के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की।कार्यक्रम का सफल मंच संचालन बी. के. विद्या दीदी द्वारा किया गया। बी. के. लीना दीदी ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं शिक्षकों को राजयोग का अभ्यास कराया। बी. के. प्रभा दीदी द्वारा सुंदर गीत प्रस्तुत किया गया, जबकि बी. के. नीलिमा बहन ने कविता के माध्यम से शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना व्यक्त की।
कार्यक्रम में पूर्व प्राचार्या श्रीमती शालिनी दुबे, बी. के. रश्मि बहन एवं विभा पाठक ने भी अपने उद्गार व्यक्त किए। सभी अतिथियों ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों एवं आध्यात्मिक शिक्षकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को श्रेष्ठ संकल्प एवं सकारात्मक जीवन के लिए प्रतिज्ञा कराई गई। इसके पश्चात सभी ने सामूहिक रूप से राजयोग का अभ्यास किया। समापन अवसर पर सभी अतिथियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षकों को ईश्वरीय शुभकामनाएं एवं सौगात भेंट की गई।कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित इस शिक्षक सम्मान दिवस की सराहना करते हुए इसे शिक्षा, संस्कार, आध्यात्मिकता एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने वाला प्रेरणादायी आयोजन बताया।















