कोरबा, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, विश्व सद्भावना भवन, टी.पी. नगर, कोरबा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास, उमंग एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने सहभागिता कर श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप एवं उनके आदर्श जीवन को स्मरण किया।

इस अवसर पर बी. के. बिंदु दीदी ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक रहस्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीकृष्ण श्रेष्ठ संस्कारों, पवित्रता, प्रेम, शांति, सत्यता और दिव्य गुणों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें अपने जीवन में पवित्रता, प्रेम, सद्भावना एवं श्रेष्ठ कर्मों को अपनाना चाहिए।

बी. के. रुक्मणी दीदी ने कहा कि जन्माष्टमी का वास्तविक संदेश अपने अंदर के नकारात्मक विचारों एवं विकारों को समाप्त कर दिव्य गुणों को जागृत करना है। जब मनुष्य अपने विचारों को श्रेष्ठ बनाकर परमात्मा से जुड़ता है और राजयोग एवं आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाता है, तब उसका जीवन सुख, शांति एवं आनंद से भर जाता है।
कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकी एवं सुंदर सजावट ने सभी का मन मोह लिया। श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप एवं जन्मोत्सव की झांकी ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात उपस्थित भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक रास एवं गरबा में भाग लिया और उमंग एवं आनंद के साथ जन्माष्टमी पर्व को यादगार बनाया।
इस अवसर पर सभी भाई-बहनों ने सामूहिक रूप से प्रकृति को योग के माध्यम से सकाश दिया। प्रकृति में शांति, पवित्रता एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो तथा पर्यावरण संतुलित एवं सुंदर बना रहे, इसके लिए विशेष योगाभ्यास किया गया। साथ ही दिवंगत आत्माओं के लिए भी योग करते हुए उन्हें शांति एवं शक्ति का सकाश दिया गया। सभी ने परमात्मा से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्राप्त हो तथा उनके परिवारजनों को शक्ति एवं धैर्य मिले।
इसी अवसर पर कोरबा के सप्तदेव मंदिर में भी ब्रह्माकुमारीज द्वारा चैतन्य राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी लगाई गई चैतन्य राधा-कृष्ण के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों का विशेष आकर्षण प्राप्त किया। झांकी के माध्यम से पवित्रता, प्रेम, दिव्यता एवं श्रेष्ठ संस्कारों का सुंदर संदेश दिया गया इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत, पार्षद नरेन्द्र देवांगन तथा सप्त देव मंदिर के ट्रस्टी अशोक मोदी सहित अनेक अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। अतिथियों ने चैतन्य राधा-कृष्ण की झांकी का दर्शन किया और ब्रह्माकुमारीज द्वारा दिए जा रहे आध्यात्मिक संदेश की सराहना की।ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित इस आयोजन में उत्सव के साथ-साथ आध्यात्मिकता, पवित्रता, प्रेम, शांति, प्रकृति संरक्षण एवं आत्मिक शक्ति का संदेश दिया गया। पूरे कार्यक्रम में उमंग, उत्साह, भाईचारे एवं आध्यात्मिक आनंद का वातावरण बना रहा। उपस्थित सभी भाई-बहनों ने श्रीकृष्ण के दिव्य गुणों को अपने जीवन में धारण करने तथा समाज में प्रेम, शांति एवं सद्भावना का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।















