मुख्य अतिथि शत्रुघ्न बेहरा ने प्रतिभागियों को किया सम्मानित, पारंपरिक रंगों में सराबोर रहा उत्सव…
कोरबा, एनटीपीसी कोरबा के न्यूक्लियस क्लब समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय गरबा एवं डांडिया रास उत्सव का हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि एनटीपीसी कोरबा के महाप्रबंधक (ओएंडएम) शत्रुघ्न बेहरा ने प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उत्सव के दौरान क्लब के सदस्यों एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख के. सी. पात्रा तथा महाप्रबंधक शत्रुघ्न बेहरा के मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव का शुभारंभ 11 अक्टूबर 2026 को के. सी. पात्रा ने किया था। नौ दिनों तक चले आयोजन में गरबा एवं डांडिया रास की धूम रही। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, संगीत और सामूहिक नृत्य ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। आयोजन ने क्लब के सदस्यों और उनके परिवारों को एक मंच पर लाकर आपसी सौहार्द, एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा दिया।
प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना




समापन अवसर पर शत्रुघ्न बेहरा ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन और उत्साह की सराहना करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पुरस्कार वितरण के माध्यम से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। आयोजन में सदस्यों और उनके परिवारों की सहभागिता ने उत्सव को विशेष बना दिया।

राजू सिंह ने जताया आभार
न्यूक्लियस क्लब के जनरल सेक्रेटरी राजू सिंह ने कार्यक्रम की सफलता पर मुख्य अतिथि, वरिष्ठ अधिकारियों, क्लब पदाधिकारियों, सदस्यों, प्रतिभागियों तथा आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, समर्पण और उत्साहपूर्ण सहभागिता से यह आयोजन सफल एवं यादगार बना। उन्होंने भविष्य में भी क्लब की गतिविधियों को अधिक जीवंत और आकर्षक बनाने के लिए सभी से सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया।


अधिकारी-कर्मचारी एवं क्लब के सदस्य रहे उपस्थित
समापन समारोह में एनटीपीसी कोरबा के महाप्रबंधक (ओएंडएम) शत्रुघ्न बेहरा, डॉ. विजय गर्ग, न्यूक्लियस क्लब के उपाध्यक्ष एस. एस. दास, अनुराग खरे, जनरल सेक्रेटरी राजू सिंह, मनीष शर्मा सहित क्लब कमेटी के सदस्य, एनटीपीसी के अधिकारी-कर्मचारी तथा क्लब के सदस्य और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।


नौ दिवसीय गरबा एवं डांडिया रास उत्सव का समापन पुरस्कार वितरण और उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ हुआ। यह आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामूहिक सहभागिता का यादगार उदाहरण बना।















