कोरबा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में राज्य सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ के कृषक अधिक आत्मनिर्भर, सशक्त एवं समृद्ध बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को प्रतिवर्ष तीन समान किश्तों में कुल रूपये 06 हजार की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जाती है। यह आर्थिक सहायता किसानों के लिए खेती-किसानी से जुड़े आवश्यक कार्यों जैसे खाद, बीज, कीटनाशक एवं अन्य कृषि संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साथ ही, यह सहायता उन्हें आकस्मिक खर्चों के दौरान आर्थिक संबल प्रदान करती है, जिससे उन्हें किसी के सामने निर्भर होने या ऋण लेने की आवश्यकता कम हो जाती है।
कोरबा जिले के ग्राम रिसदा निवासी कृषक मोतीलाल यादव इस योजना के लाभार्थियों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत समय पर मिलने वाली राशि उनके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। खेती के दौरान आने वाले छोटे-बड़े खर्चों में यह राशि सहारा बनती है और उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाती है।
श्री यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि खेती के कार्यों में विभिन्न स्तरों पर निरंतर खर्च होता रहता है, ऐसे में आवश्यकता के समय यह सहायता किसी ‘संजीवनी’ से कम नहीं है। इससे उन्हें न तो उधार लेने की जरूरत पड़ती है और न ही किसी पर निर्भर रहना पड़ता है।
उन्होंने सरकार के इस प्रयास के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने उनके जैसे हजारों किसानों के जीवन में बदलाव लाया है और उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवनयापन करने का अवसर प्रदान किया है।

















