कोरबा: छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारी संघ, जिला कोरबा द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को ज्ञापन सौंपकर स्वास्थ्य कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के शीघ्र एवं न्यायसंगत समाधान की मांग की गई है।संघ का कहना है कि नियमित कर्मचारियों की तरह ही NHM कर्मचारी भी स्वास्थ्य विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं और जनसेवाओं के सफल संचालन में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी वाजिब मांगों और समस्याओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है।
संघ द्वारा उठाई गई मुख्य मांगें और समस्याएं:
• वेतन भुगतान व विलंब: प्रतिमाह समय पर वेतन का भुगतान न होना तथा अगस्त 2026 माह का वेतन अब तक लंबित रहना।
• आधार-बेस्ड उपस्थिति प्रणाली: आधार (Aadhaar) – आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के तहत वेतन भुगतान में दोहरा व भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। इसके अलावा, तकनीकी खामियों के कारण आ रही समस्याओं का निराकरण किए बिना कर्मचारियों का वेतन रोका जा रहा है।
• भत्तों व इंसेंटिव का भुगतान: PLP, TA/DA और अन्य इंसेंटिव राशि का समय पर भुगतान न किया जाना।
• इंक्रीमेंट का लाभ: कार्य सुधार नोटिस के बाद सेवा वृद्धि पाने वाले कर्मचारियों को 5 प्रतिशत इंक्रीमेंट के लाभ से वंचित रखा जाना।
• विभिन्न अवकाशों की स्वीकृति में बाधा: आकस्मिक, ऐच्छिक, चिकित्सा, पितृत्व एवं मातृत्व अवकाश की स्वीकृति में विलंब और अड़चनें।
• सुरक्षा एवं अनुकंपा सहायता: कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना। साथ ही दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को दी जाने वाली अनुकंपा अनुदान/सहयोग राशि में अत्यधिक विलंब होना—विशेष रूप से NHM के 03 दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को एक वर्ष बीत जाने के बाद भी यह सहायता राशि न मिलना अत्यंत चिंताजनक है।
NHM कर्मचारी संघ, जिला कोरबा ने प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों से मानवीय आधार पर इन सभी बिंदुओं पर त्वरित कार्यवाही करने और कर्मचारियों को राहत देने का अनुरोध किया है।
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर (कोरबा), अधिष्ठाता (GMC कोरबा), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (NHM) तथा समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों को भी उचित कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।

















