कोरबा,प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज के आध्यात्मिक ऊर्जा पार्क, गेरवाघाट, कोरबा में गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा एवं आध्यात्मिक भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से चैतन्य गणेश विराजमान रहे। बड़ी संख्या में बी.के. भाई-बहनों ने चैतन्य गणेश के दर्शन कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज की बी.के. बिंदु दीदी ने गणेश चतुर्थी के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गणेश केवल विघ्नों को दूर करने वाले देवता के रूप में ही नहीं, बल्कि जीवन में ज्ञान, विवेक, पवित्रता और सकारात्मक संकल्पों को धारण करने की प्रेरणा देने वाले देव स्वरूप हैं। उन्होंने गणेश जी के बड़े मस्तक को विशाल बुद्धि एवं सकारात्मक चिंतन तथा छोटे नेत्रों को एकाग्रता और दूरदृष्टि का प्रतीक बताया।उन्होंने कहा कि वास्तविक विघ्न बाहर नहीं, बल्कि हमारे मन में छिपे क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या और नकारात्मक विचारों के रूप में होते हैं। परमात्मा से राजयोग के माध्यम से जुड़कर मन को शक्तिशाली बनाया जा सकता है और इन आंतरिक विघ्नों पर विजय प्राप्त की जा सकती है। यही गणेश चतुर्थी का वास्तविक आध्यात्मिक संदेश है।

इस अवसर पर बी.के. रूक्मिणी दीदी ने सभी को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस पावन अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन से किसी एक अवगुण को दूर करने और किसी एक श्रेष्ठ गुण को अपनाने का संकल्प ले। इससे जीवन सुख, शांति और आनंद से भरपूर बन सकता है।
चैतन्य गणेश के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बी.के. भाई-बहनों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आध्यात्मिक वातावरण में गणेश चतुर्थी को केवल धार्मिक उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि आंतरिक शक्तियों को जागृत करने और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के पर्व के रूप में मनाया गया।
















