Wednesday, February 11, 2026

वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के अवसर पर किया गया कार्यक्रम, स्कूली बच्चों ने जाना वन्यप्राणी संरक्षण का महत्व…..

Must Read

कोरबा, भारत में वनों और उनके संरक्षण के लिए 1952 से हर साल वन्यजीव संरक्षण सप्ताह मनाया जाता है जिसका उद्देश्य लोगों में जागरूकता और करुणा उत्पन्न करना हैं। इस साल 71 वे वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के अवसर पर सेंट जेवियर स्कूल एवं न्यू ऐरा पब्लिक स्कूल, कोरबा में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया,कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वन्य जीव संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना, वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताना और उनके उत्तरदायित्व को समझना था। यह कार्यक्रम नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा WWF,इंडिया एवं कोरबा वन मंडल के तत्वाधान में किया गया।

सेंट जेवियर स्कूल के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आशिष खेलेवार (उप वनमण्डलाधिकारी, कोरबा वनमण्डल), वहीं न्यू ऐरा पब्लिक स्कूल के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि तोषी वर्मा (उप वनमण्डलाधिकारी, कोरबा वनमण्डल) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वन्य जीव केवल जंगल की शोभा नहीं, बल्कि पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन के रक्षक हैं, उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पर्यावरण की रक्षा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

Nova Nature Welfare Society के अध्यक्ष एम. सूरज ने कहा कि प्रकृति और जीव-जंतुओं का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने संस्था द्वारा बाघों, वन भैंसे, मानव हाथी द्वंद एवं किंग कोबरा के किए जा रहे संरक्षण के प्रयासों के बारे में बताया। कार्यक्रम में कलिंगा यूनिवर्सिटी, रायपुर से डॉ. फैज़ बॉक्स ने जैव विविधता और आर्द्रभूमि के महत्व पर रोचक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि आर्द्रभूमियाँ पृथ्वी की “किडनी” कहलाती हैं, क्योंकि ये जल शुद्धिकरण, भूजल संरक्षण और अनेक वन्य प्रजातियों के आवास के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
🌿 वन्य जीव सप्ताह मनाने का उद्देश्य

  1. बच्चों में वन्य जीवों और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना।2. पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में वन्य जीवों की भूमिका को समझाना।3. अवैध शिकार और वनों की कटाई जैसी गतिविधियों के दुष्परिणामों से समाज को अवगत कराना।4. नई पीढ़ी में प्रकृति प्रेम और संरक्षण की भावना विकसित करना।5. जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देना।इस अवसर पर सेंट सेवियर स्कूल के प्राचार्य डॉ डी के आनंद, न्यू ऐरा स्कूल के प्रिंसिपल श्रीनिवासन राव, जितेंद्र सारथी, भूपेंद्र जगत, बबलू मारवा एवं बड़ी संख्या में दोनों स्कूलों के बच्चें उपस्थिक रहे।समापन पर विद्यालय प्रबंधन और अध्यापकों ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया तथा विद्यार्थियों से “प्रकृति से प्रेम करो, तभी धरती सुरक्षित रहेगी” का संदेश दिया।


Latest News

कोरबा प्रथम आगमन पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा का भव्य स्वागत एवं जनसंवाद…..

कोरबा, छत्तीसगढ़ शासन के राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त अमरजीत सिंह छाबड़ा के प्रथम कोरबा...

More Articles Like This