कोरबा, जिले के रजगामार क्षेत्र के केसला ग्राम में उस समय हड़कंप मच गया, जब मगत राम के घर के बाड़ी में रखें खपरैल में करीब 10 फीट लंबा किंग कोबरा (पहाड़ चित्ती) घुसकर बैठा मिला, जिस जगह बैठा था वहां घर वालों का देव स्थल था पर साथ ही देखते ही परिवार में डर का माहौल गयाऔर बड़ी संख्या में ग्रामीण सांप को देखने के लिए इकट्ठा हो गए।
घर मालिक ने बिना किसी जोखिम एवं तत्परता से तत्काल इसकी सूचना वन विभाग कमलेश कुम्हार एवं सूरज सिंदार को दिया साथ ही रेस्क्यु टीम प्रमुख नोवा नेचर सदस्य रेस्क्यू जितेंद्र सारथी को भी अवगत कराया, उसी वक्त पूरे गांव में बिजली नहीं था जिसके कारण खपरैल में छिपे विशालकाय किंग कोबरा को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही रेस्क्यू टीम के लिए भी खतरा पैदा कर सकती थी।फिर वन मण्डलाधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देशानुसार उपवनमंडलधिकारी रामसिंह राठिया के मार्गदर्शन में वन विभाग कर्मचारी एवं
रेस्क्यू टीम के जितेंद्र सारथी एवं बॉबी श्रीवास ने सावधानी और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करते हुए टॉर्च के मदद से काफी मशक्कत के बाद किंग कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू कर थैले में डाला, फिर पंचनामा पश्चात उसे सुरक्षित प्राकृतिक रहवास में छोड़ा गया।
रजगमार के प्रभारी कमलेश कुम्हार ने गांव वालों को किंग कोबरा के विषय पर जोर देते हुए कहा जब भी कोई वन्य जीव दिखे उसको मारे नहीं बल्कि तत्काल वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी को सूचना देवे, ताकि उस जीव को रेस्क्यु कर पुनः जंगल में छोड़ा जा सके।वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, किंग कोबरा पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और सांपों की आबादी को नियंत्रित करने में भी योगदान देता है,ऐसे वन्यजीवों के घरों में पहुंचने पर उन्हें मारने के बजाय तत्काल वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना देना ही सुरक्षित और जिम्मेदार कदम है।इस सफल रेस्क्यु में सरपंच केसला, वन विभाग कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आस पास के गांव वाले उपस्थित रहे।





