कटघोरा, कोरबा, कटघोरा विकासखंड के छुरी स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शनिवार सुबह छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। विद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं, दूषित पेयजल, स्तरहीन भोजन और प्राचार्य व अधीक्षिका के कथित दुर्व्यवहार से नाराज 400 से अधिक छात्र-छात्राएं सुबह करीब 6:30 बजे विद्यालय के सामने कोरबा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। लगभग दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण कोरबा, कटघोरा और अंबिकापुर की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे आम लोगों, कर्मचारियों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में उन्हें लंबे समय से मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। पीने के लिए दूषित पानी दिया जा रहा है और इसी पानी का उपयोग नहाने तथा अन्य दैनिक कार्यों में भी करना पड़ रहा है। इसके कारण कई छात्र त्वचा संबंधी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। दाल और सब्जी स्तरहीन परोसी जाती है, जबकि दूध समय पर वितरित नहीं होने से खराब हो जाता है और बाद में उसे फेंक दिया जाता है।प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार अपनी समस्याओं से विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अरशद अहमद और अधीक्षिका को अवगत कराया, लेकिन किसी भी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। छात्रों का कहना है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) काटने की धमकी दी गई। कुछ छात्र इस धमकी के कारण चुप हो गए, लेकिन अधिकांश छात्रों ने विरोध का रास्ता चुना और सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की।


मुख्य मार्ग पर चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। कटघोरा एसडीएम टी.आर. भारद्वाज, तहसीलदार तथा कोरबा से आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। नगर पंचायत अध्यक्ष पद्मिनी प्रीतम देवांगन ने भी छात्रों से चर्चा कर उन्हें शांत कराया। उनकी समझाइश के बाद करीब दो घंटे बाद छात्रों ने चक्काजाम समाप्त कर विद्यालय लौटने का निर्णय लिया। हालांकि छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन मिला है, समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस निर्णय मौके पर नहीं लिया गया।
आपको बता दें कि लगभग एक सप्ताह पहले भी इन्हीं समस्याओं को लेकर छात्रों ने कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह का घेराव किया था। उस दौरान भी छात्रों ने विद्यालय की अव्यवस्थाओं और प्राचार्य को हटाने की मांग रखी थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से छात्रों में नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार उन्हें चक्काजाम जैसा बड़ा कदम उठाना पड़ा। अब छात्रों और अभिभावकों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जल्द ही विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो छात्रों ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।





